Arun Singh

nature lover journalist

वर्ष 1984 में इलाहाबाद के कुलभास्कर आश्रम कृषि महाविद्यालय से कृषि स्नातक होने के बाद 30 वर्ष पूर्व जनवरी 1990 में पत्रकारिता के क्षेत्र में मेरा पदार्पण हुआ। शासकीय सेवा में जाने के बजाय मैंने पत्रकारिता को इसलिए चुना क्योंकि एक पत्रकार की भूमिका मुझे ज्यादा प्रीतिकर लगी। शुरुआती दौर में अपने पिता के साथ उनके साप्ताहिक समाचार पत्र जन पौरूष में पत्रकारिता का पाठ सीखा। तदुपरांत जनवरी 1991 से दिसंबर 2015 तक नवभारत जबलपुर व सतना एडिशन में जिला ब्यूरो के रूप में तकरीबन 25 वर्ष तक कार्य किया। आकाशवाणी के लिए भी पन्ना जिले की चिट्ठी कई वर्षों तक लिखता रहा। यूनीवार्ता न्यूज एजेंसी से विगत 15 वर्षों से निरंतर जुड़ा हुआ हूँ। अप्रैल 2021 से ग्रामीण भारत के सबसे बड़े मीडिया प्लेटफार्म "गांव कनेक्शन" के साथ जुड़कर बतौर स्वतंत्र पत्रकार एक नई यात्रा शुरू की है, जो चुनौतियों से परिपूर्ण तो है लेकिन इतने विशाल परिवार से जुड़कर आत्मिक सुख और संतोष भी मिल रहा है। पत्रकार के रूप में प्रकृति, पर्यावरण और वन्यजीवों पर लिखना मेरा शौक रहा है जो आज भी बरकरार है। पन्ना बाघ पुनर्स्थापना योजना में योगदान व लेखन के लिए वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन ट्रस्ट द्वारा पुरस्कृत भी किया गया है।

Arun Singh

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